विधानसभा में कौशल विकास और उद्यमिता विधेयक पास
विधानसभा में कौशल विकास और उद्यमिता विधेयक पास
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी दोबारा सत्ता में आएगी। यही वजह है कि विधानसभा के आखिरी सत्र के आखिरी दिन भी सभी विधायक सदन में मौजूद हैं। केजरीवाल मंगलवार को कौशल विकास और उद्यमिता विश्वविद्यालय विधेयक पर चर्चा के दौरान विधानसभा में बोल रहे थे।
केजरीवाल ने कहा कि सदन में हमारी सरकार आखिरी बिल लेकर इसलिए आ रही है, क्योंकि हमें यकीन है कि पार्टी दोबारा सत्ता में आ रही है। आम आदमी पार्टी (आप) के लोग आखिरी सांस तक भी देश के बारे में सोचेंगे। केजरीवाल ने इस मौके पर बीते पांच साल के अपने काम गिनाए। साथ ही कहा कि काम करने की इसी आदत की वजह से हम आखिरी दिन भी बिल पेश कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सोमवार को दिल्ली खेलकूद विश्वविद्यालय विधेयक सदन ने पास किया, जबकि आज कौशल विकास विधेयक। दोनों युवाओं के लिए हैं। केजरीवाल ने कहा कि आज रोजगार के अवसर खत्म होते जा रहे हैं। युवा डिग्री लेकर बाजारों में घूम रहे हैं। यह बिल ऐसे युवाओं को माकूल समाधान देगा। दिल्ली में कौशल विकास विभाग बनाना ठीक नहीं है। अधिकारी ऐसे कोर्स सिखाते हैं, जिनको कोई नहीं पूछता है। इस विश्वविद्यालय का पहला काम होगा कि इसमें दाखिल लेने वाले शत प्रतिशत बच्चों को नौकरी मिले या रोजगार शुरू करे। बच्चा रोजगार शुरू करके 3-4 को नौकरी भी देगा। यही नहीं, विश्वविद्यालय पूरी दुनिया में रोजगार की संभावनाएं तलाशकर अपने छात्रों को उसके लायक बनाएगा।
सिरसा ने विधेयक पर उठाए सवाल
भाजपा विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने विधेयक पर सवाल उठाते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के लिए जमीन अभी ढूंढी नही, सिर्फ कागजों पर बधाई दी जा रही है। अगर विपक्ष बधाई नहीं देगा तो सदन से बाहर कर दिया जाता है। मार्केटिंग सीखना है तो कोई अरविंद केजरीवाल से सीखे। अगर गंजे को किसी ने कंघी बेचते देखा है, तो मैंने देखा है, वह अरविंद केजरीवाल हैं। बहुत अच्छी मार्केटिंग करते है। जमीन का अता-पता नहीं। कहां स्किल यूनिवर्सिटी खुलेगी?